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Bhujangasana | जानिए भुजंगासन करने की सही विधि और इसके अनेक फायदे


Bhujangasana: Bhujangasana की सही विधि व इससे सम्बंधित फायदों (Bhujangasan Benefits) की पूरी जानकारी हमने इस पोस्ट के द्वारा देने की कोशिश किया है l भुजंगासन Bhujangasana अपने जीवनशैली में जरूर जोड़े l

 


योग करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। योग में विभिन्न प्रकार के आसन किए जाते हैं। आज हम आपको योग के एक मुख्य आसन भुजंगासन (Bhujangasana) के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं भुजंगासन (Bhujangasana) के बारे में l

 

भुजंगासन को सर्प आसन तथा आसन मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि इस आसन को करते समय मानव शरीर की स्थिति सांप की तरह ही होती है। ये आसन महिला और पुरुष दोनों के लिए लाभकारी है। भुजंगासन को करने से आध्यात्मिक, भौतिक दोनों प्रकार के लाभ होते हैं। इस आसन को कोई भी व्यक्ति कर सकता है। इससे आपका शरीर स्वस्थ भी रहता है। साथ ही साथ रोगों में भी लाभ रहता है (Beneficial for Various Disease)

 


[caption id="attachment_783" align="aligncenter" width="960"]bhujangasana,bhujangasana benefits bhujangasana[/caption]

 

भुजंगासन करने की विधि / Method To Do Bhujangasana


1- भुजंगासन (Bhujangasana) को करने से पहले आप चटाई बिछाकर पेट के बल लेट जाएं । दोनों पैरों को मिलाएं और सीधा करके भुजंगासन करते समय आप अपने पैरों के तलवे ऊपर की ओर रखें और पैरों के अंगूठे के मिलाकर रखें।

2- आप अपने दोनों हाथ की कौहनी को मोड़े, फिर दोनों हाथ की हथेलियों को अपनी छाती के बगल में फर्श पर टिका कर रख दें l आप गहरी सांस लें तथा सिर को ऊपर की ओर उठाएं।

3- सिर उठाने के पश्चात गर्दन को उठाएं और फिर अपने सीने को और बाद में पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।

4- भुजंगासन (Bhujangasana) करते समय ध्यान रखें कि आपका पूरा शरीर ऊपर नहीं होना चाहिए। आपका नाभि से ऊपर तक का भागी ही उठे। पैर की उंगलियों और नाभि के नीचे के पैर जमीन से ही सटे रहे।

5- भुजंगासन (Bhujangasana) तभी पूरा होगा जब आपके शरीर का ऊपर का भाग, सिर, गर्दन और छाती सांप की भांति समान उठ जाएं और पीठ और नितंब का हिस्सा जमीन से सटे रहे।

6- इसके बाद आप सांस को छोड़ें। पहले आप नाभि के ऊपर का भाग, फिर छाती और माथे को जमीन पर टिकाए और शरीर को ढ़ीला छोड़ दें। कुछ देर रुकने के पश्चात इस क्रिया को दौहरायें। आप तीन बार भुजंगासन की क्रिया जरूर करें।

 


भुजंगासन करते समय ध्यान रखने योग्य बातें / Things to Keep in Mind When Doing Bhujangasan


भुजंगासन (Bhujangasana) करते समय आप विशुद्ध चक्र या आज्ञा चक्र तथा श्वास पर ही ध्यान लगाएं।


भुजंगासन करते वक्त सावधानियां



1- गर्भवती महिलाओं और हनिया के रोगियों को भुजंगासन नहीं करना चाहिए।

2- जिन लोगों के पेट में घाव, अंडकोष में वृद्धि, मेरुदंड से पीड़ित, अल्सर तथा कोलाइटिस रोगियों को भी भुजंगासन नहीं करना चाहिए।

3- यह आसन करने में बहुत ही आसान है, लेकिन आप सिर को पीछे ले जाने की स्थिति में जल्दबाजी ना करें । प्रतिदिन भुजंगासन (Bhujangasana) करने से आपको आसानी होगी।

 


[caption id="attachment_784" align="alignnone" width="960"]bhujangasana,bhujangasana benefits bhujangasana[/caption]

भुजंगासन से रोगों में विभिन्न लाभ / Bhujangasan Benefits In Various Disease


1- भुजंगासन (Bhujangasana) करने से रीड की हड्डी ठीक रहती है और आपको बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है।

2- जिन लोगों की नसों, मांसपेशियां एवं रीड की हड्डी मे टेढ़ापन आ गया है, वे भुजंगासन से भी ठीक हो जाती हैं।

3- भुजंगासन करने से आपकी कमर पतली, लचीली होती है।

4- भुजंगासन करने से सीना चौड़ा तथा मोटापे को दूर करने में सहायता मिलती है।

5- इससे आपके शरीर की थकावट दूर होती है। व्यक्ति के शरीर में फुर्ती आती है, ज्ञानेंद्रियों का विकास होता है तथा मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। आपकी मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।

6- महिलाएं और पुरुष अपनी छाती को एक समान बना सकते हैं । इसके साथ ही स्वप्नदोष में, शुक्राणुओं (Sperms)  की कमी में भी लाभ मिलता है।

7- भुजंगासन को करने से माइग्रेन ने भी लाभ होता है।

8- भुजंगासन के द्वारा खांसी, दमा ब्रोकइटिस आदि रोगों से बचाव होता है। भुजंगासन इन लोगों को शुरुआत में ही खत्म कर देता है।

9- भुजंगासन (Bhujangasana) से पेट संबंधी रोग जैसे- कब्ज, गैस बनने की शिकायत अपच जैसी समस्या भी दूर होती है।

 


महिलाओं के रोगों में लाभकारी है भुजंगासन / Bhujangasan Benefits For Women's Diseases


1- भुजंगासन महिलाओं के लिए बहुत ही लाभकारी है। भुजंगासन (Bhujangasana) से अनियमित मासिक धर्म (Menstrual), मासिक धर्म का दर्द तथा अन्य प्रदर रोग दूर हो जाते हैं।

2- भुजंगासन के द्वारा गर्भाशय (Uterus) तथा भीतरी अंगों के विकारों को दूर कर सकते हैं।

3- भुजंगासन के द्वारा महिलाओं के यौनांगों तथा गर्भाशय को शक्तिशाली बनते हैं।

4- भुजंगासन (Bhujangasana) करने से महिलाओं की सुंदरता बढ़ती है l उनका यौवन भी लंबे समय तक बना रहता है।

 

यदि 'Bhujangasana' से सम्बंधित आपका कोई सवाल हो तो आप कमेंट बॉक्स में अपने सवाल पूछ सकते है l हम जल्द से जल्द आपके सवालों का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे l

 

धन्यवाद !