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Implantation Bleeding | प्रेगनेंसी के दौरान ब्लीडिंग होने के मुख्य कारण

Implantation bleeding: प्रेगनेंसी के दौरान ब्लीडिंग होने का मुख्य कारण क्या है हमने इस पोस्ट में जानकारी दी है l तो चलिए जाने implantation bleeding के कारण l

माँ बनना हर स्त्री का सपना होता है। हर महिला कभी ना कभी मां को बनती है। गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोन परिवर्तन (Hormonal Changes) के कारण रोजाना नए-नए बदलाव होते हैं। जिस कारण गर्भवती महिलाओं (Pregnant women) को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्था में महिलाओं को उल्टी आना(Vomoting), कमजोरी (Weakness) और वजन बढ़ने (Weight Gain) के साथ-साथ ही ब्लीडिंग (Bleeding) की बहुत ज्यादा शिकायत रहती है।

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जानकारी के लिए बता दें कि गर्भावस्था के किसी भी महीने में ब्लडिंग (Bleeding) की समस्या हो सकती है। वैसे तो ब्लीडिंग (Bleeding) होना सामान्य बात है। लेकिन यदि गर्भावस्था के दौरान ब्लीडिंग (Bleeding) लगातार होती है, तो गर्भवती महिलाओं को नुकसान हो सकता है। गर्भवती महिलाओं के लिए ये बहुत ही जरूरी है कि ब्लीडिंग गर्भावस्था के किस चरण में हो रही है। यदि गर्भवती महिलाओं को लगातार ब्लीडिंग (Bleeding) होती है, तो इससे आपके गर्भस्थ शिशु को काफी नुकसान हो सकता है। आज हम आपको बताने वाले हैं कि गर्भावस्था के दौरान किन कारणों से Bleeding होती है। आइए जानते हैं l

[caption id="attachment_793" align="alignnone" width="901"]Implantation Bleeding, pregnancy me bleeding hoti hai kya Implantation Bleeding[/caption]

1- इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग / Implantation Bleeding Symptoms


ये ब्लीडिंग (Bleeding) होना सामान्य बात है। जब निषेचित अंडा गर्भाशय (Uterus) की तरफ से लगता है तो इस प्रकार की ब्लीडिंग हो सकती है। यह ब्लीडिंग (Bleeding) गर्भावस्था के 10 से 14 दिनों के बाद होती है।

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2- समय से पूर्व प्रसव / Premature delivery


इसे प्री टर्म लॅबोर (Pre term labour) भी कहा जाता है। ये संकेत है कि आपकी डिलीवरी जल्दी होने वाली है। इस अवस्था में गर्भवती महिलाओं (Pregnant women) को ब्लीडिंग (Bleeding) 20 वें हफ्तें या 3 सप्ताह पहले भी हो सकती है।

[caption id="attachment_799" align="alignnone" width="448"]implantation bleeding, Bleeding during pregnancy implantation bleeding[/caption]

3- संक्रमण / Infection


गर्भाशय (Uterus) और वेजिना (Vagina) पर संक्रमण एसिडिटी के कारण हो सकता है। सूजन और हर्प्स जैसी समस्याएं महिलाओं को प्रसव (Delivery to women) के दौरान हो सकती है। आप इस बात का ध्यान रखें कि आपकी स्थिति का पता डॉक्टर को हो ताकि संक्रमण (Infection) को फैलने से रोका जा सके।

4- सर्विकल पोलिप्स / Cervical polyps


ज्यादातर गर्भवती महिलाओं की पैल्विक (Pelvic) जांच में इसका पता लग जाता है। गर्भवती महिलाओं (Pregnant women) में इस प्रकार की समस्या एस्ट्रोजन लेवल (Estrogen level) में वृद्धि, गर्भाशय में सूजन(Uteritis), नलिका में बंद रक्त वाहिनियों की अधिकता के कारण हो सकती है।

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पोलिप्स होने वाले बच्चे के लिए तो हानिकारक नहीं है। ये इलाज से आसानी से ठीक हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को शुरू में ब्लीडिंग (Bleeding) हो सकती है। लेकिन ब्लीडिंग ज्यादा होती है, तो पहले 3 महीने बीतने के बाद महिलाओं का गर्भपात भी हो सकता है।

[caption id="attachment_797" align="alignnone" width="640"]implantation bleeding, bleeding during pregnancy implantation bleeding[/caption]

5- गर्भपात / Abortion [ Implantation Bleeding ]


गर्भवती महिलाओं के गर्भपात (Abortion) का सबसे मुख्य कारण शुरुआती 3 महीनों में गुणसूत्रों का असंतुलन है। इसके साथ ही कई आनुवांशिक समस्याएं, संक्रमण (Infections), दवाओं के साइड इफेक्ट(Side Effects Of Medicine), हार्मोन प्रवृत्ति(Hormonal tendency), संरचनात्मक और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी से भी गर्भपात हो सकता है। गर्भपात (Abortion) को पूर्व अनुमान द्वारा नहीं रोका जा सकता है।

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गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान (Bleeding During Pregnancy) यदि ब्लीडिंग (Bleeding) हो तो उन्हें आराम करने की सलाह दी जाती है और संभोग ना करने की सलाह भी दी जाती है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) को ध्यान देने की आवश्यकता है कि ब्लड किस प्रकार निकल रहा है। गर्भवती महिलाओं में तेज बुखार(High Fever), कमजोरी(Weakness), चक्कर आना (dizziness) गर्भपात के लक्षण है।

[caption id="attachment_796" align="alignnone" width="800"]implantation bleeding,bleeding during pregnancy implantation bleeding[/caption]

6- प्लेसेंटा प्रेविआ / Placenta prevaia


गर्भवती महिलाओं में तीसरी तिमाही में ब्लीडिंग का मुख्य कारण प्लेसेंटा प्रेविआ (Placenta prevaia) भी है। इस प्रकार की समस्या गर्भवती महिलाओं को तब होती है जब प्लेसेंटा गर्भाशय के निचले हिस्से में बढ़ने लगता है  l सर्विकल कैनाल (Cervical Canal) को ढ़क देता है। यदि ये समस्या गर्भावस्था से पहले ठीक नहीं होती, तो ऑपरेशन करके ही इस समस्या का इलाज संभव है।

[caption id="attachment_794" align="alignnone" width="960"]implantation bleeding,bleeding during pregnancy implantation bleeding[/caption]

7- प्लेसेंटल अब्रप्शन / Placental abruption


इस अवस्था में महिलाओं की प्लेसेंटा (Placenta) गर्भाशय (Uterus) की दीवार से अलग हो जाती है और प्लेसेंटा तथा गर्भाशय (Placenta and Uterus) के बीच खून जमा होने लगता है। इस प्रकार की समस्या 1% गर्भवती महिलाओं में ही होती है l हर महिलाओं को इस प्रकार की समस्या नहीं होती।

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इस पर गर्भवती महिलाओं को ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि इस समस्या पर ध्यान ना दिया गया, तो ऑक्सीजन और ब्लड (Oxygen and Blood) ना मिलने के कारण गर्भस्थ शिशु की अकाल मृत्यु भी हो सकती है। साथ ही साथ मां का खून बहने का भी डर रहता है।

8- गर्भाशय को नुकसान / Uterine damage


यदि किसी महिला का ऑपरेशन हुआ है, तो उसकी मांसपेशियां (Muscles) कमजोर हो जाती है। गर्भावस्था के दौरान (During Pregnancy) गर्भस्थ शिशु मां के पेट में चला जाता हैं, जिससे स्थिति बहुत ही खतरनाक हो जाती है। इस स्थिति में गर्भवती महिला और उसके बच्चे को बचाने के लिए तत्काल ऑपरेशन (Immediate operation) करना पड़ता है।

[caption id="attachment_798" align="alignnone" width="960"]implantation bleeding, bleeding during pregnancy implantation bleeding[/caption]

9- एक्टोपिक प्रेगनेंसी / Ectopic pregnancy


गर्भवती महिलाओं को इस स्थिति में गर्भाशय (Uterus) के बाहर फेलोपियन ट्यूब (Fallopian tube) में एक भ्रूण अलग से पैदा होने लगता है। यदि यह स्थिति लगातार बढ़ती रहती है तो इससे गर्भवती महिला का ट्यूब फट सकता है, जो कि गर्भवती महिला के लिए बहुत ही खतरनाक हो सकता है।

10- वासा प्रेविआ / Vasa praevia


यह गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही दुर्लभ स्थिति होती है। इसमें बढ़ते हुए गर्भस्थ शिशु की नाभि नाल तथा प्लेसेंटा की रुधिर वाहिका बर्थ कैनाल (Birth Canal)
को क्रॉस करने लगती हैं। इस प्रकार की स्थिति खतरनाक इसलिए होती है, क्योंकि बड़ी हुई रुधिर वाहिनियां (Blood vessel) बच्चे में ब्लीडिंग (Bleeding) का एक कारण बन सकती हैं।

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साथ ही साथ ऑक्सीजन (Oxygen) की सप्लाई को भी रोक सकती हैं। प्लेसेंटा प्रेविया (Vasa praevia) की तरह इसे भी ऑपरेशन के द्वारा ही ठीक किया जाता है। इस स्थिति में डिलीवरी के दौरान ये रूद्र वाहिनियां टूटने लगती है, जिससे काफी ब्लडिंग होने लगती है। जो कि गर्भवती महिला और उसके होने वाले शिशु के लिए बहुत ही खतरनाक है।

यदि 'Implantation Bleeding' इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग से सम्बंधित आपका सवाल हो तो आप कमेंट बॉक्स में अपने सवाल पूछ सकते है l हम जल्द से जल्द आपके सवालों का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे l

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